रायपुर, 05 नवम्बर। Mahadev Betting Case: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान CBI ने अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान भी इस नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई हो रही थी।
CBI की विशेष अदालत ने सौरभ चंद्राकर की रिमांड 12 नवंबर तक बढ़ा दी है। उसे ओमान से भारत लाया गया था। 1 नवंबर की रात गिरफ्तारी के बाद 2 नवंबर को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया। फिलहाल CBI उससे महादेव बुक ऐप के संचालन, आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है।
जांच एजेंसी का दावा है कि महादेव बुक ऐप का संचालन सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों के जरिए किया जाता था। इस नेटवर्क से हर महीने होने वाली करीब 450 करोड़ रुपये की कथित कमाई में से 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा प्रमोटर अपने पास रखते थे, जबकि शेष रकम पैनल ऑपरेटरों को दी जाती थी।
CBI के अनुसार, अवैध कमाई को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खातों में जमा कराया जाता था। इसके बाद हवाला और अन्य माध्यमों से रकम विदेश भेजने का आरोप है। एजेंसी इस पूरे आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों की कथित भूमिका तथा अवैध संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।
अब CBI सौरभ चंद्राकर से पूछताछ कर अन्य आरोपियों, पैनल ऑपरेटरों और कथित लाभार्थियों की पहचान करने में जुटी है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई अन्य अहम पहलुओं की जानकारी सामने आ सकती है।


