मेरठ, 16 अक्टूबर। Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 ने अमित की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को पहले हत्या का दोषी करार दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान करीब डेढ़ साल में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही दर्ज की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
इस हत्याकांड का खुलासा तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा के पोस्टमार्टम कराने के फैसले से हुआ। शुरुआती तौर पर परिवार ने अमित की मौत को सांप के काटने का मामला माना था। पत्नी और परिजनों के विरोध के बावजूद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।
नौ साल पहले हुई थी शादी
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी करीब नौ साल पहले मेरठ के बहसूमा क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं।
अमरदीप अमित के साथ काम करता था और पड़ोस में रहता था। वह रविता को चाची कहकर बुलाता था। आरोपों के मुताबिक, इसी परिचय के बीच दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई साल पहले उनके बीच प्रेम संबंध बन गए।
दर्शन से लौटने के बाद रची गई साजिश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को अमित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बातचीत की। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची।
आरोप है कि उसी शाम सांप की व्यवस्था की गई और अमरदीप ने उसे खेत में छिपा दिया। रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया। इसके बाद अमरदीप सांप लेकर वहां पहुंचा। आरोपों के मुताबिक, रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया।
हत्या को सांप के काटने का रूप देने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के बाद अमित के शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया गया था। सांप की पूंछ कमर के नीचे दबने के कारण उसने अमित को पांच बार काटा। इससे शरीर पर बने निशानों के आधार पर मौत को सर्पदंश दिखाने की कोशिश किए जाने का आरोप सामने आया।
13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप देखकर बेटे ने शोर मचाया। परिवार ने शुरुआत में अमित की मौत सांप के काटने से होना माना। इसके बाद शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी पुलिस गांव पहुंची और पोस्टमार्टम कराया।
12 गवाहों की गवाही के बाद अदालत का फैसला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद मामले की जांच ने नया मोड़ लिया। पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी ठहराते हुए शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई।


