भोपाल, 05 नवम्बर। MP Safai Karmchari Strike: दीपावली से ठीक पहले मध्य प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के नगरीय निकायों में काम करने वाले करीब एक लाख दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इसका असर राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में देखने को मिल रहा है। बुधवार को कई इलाकों में न तो झाड़ू लगी और न ही घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठाया गया। गली-मोहल्लों और बाजारों में कचरे के ढेर जमा होने से नागरिकों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है।
भोपाल नगर निगम के करीब 14 हजार कर्मचारियों में से लगभग आठ हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। इससे शहर के 85 वार्डों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। निगम के 800 से अधिक कचरा वाहन भी खड़े रहे। न्यू मार्केट, एमपी नगर, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, नवबहार सब्जी मंडी और बैरागढ़ जैसे प्रमुख बाजारों में कचरा जमा होता रहा। कई जगह लोगों और व्यापारियों को खुद ही सफाई करनी पड़ी।
दीपावली पर रोजाना निकलता है 1000 टन कचरा
सामान्य दिनों में भोपाल से करीब 850 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। वहीं, दीपावली के दौरान इसकी मात्रा बढ़कर लगभग 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। ऐसे में सफाईकर्मियों की हड़ताल ने नगर निगम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से संक्रमण और गंदगी की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
कई जिलों में सफाई व्यवस्था प्रभावित
सफाईकर्मियों की हड़ताल का असर सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है। राजगढ़ जिले के सभी 14 नगरीय निकायों में कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे। विदिशा नगर पालिका में भी जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। इसके अलावा नर्मदापुरम, रायसेन जिले के गैरतगंज और अशोकनगर जिले के शाढौरा नगर परिषद में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
अधिकारियों के साथ वार्ता बेनतीजा
हड़ताल खत्म कराने के लिए बुधवार शाम नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने कर्मचारी नेताओं के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। हालांकि, इस बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन और चक्काजाम के बाद बुधवार को अधिकारियों के साथ चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने साफ किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
इन मांगों को लेकर कर रहे आंदोलन
सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगों में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, सभी कर्मचारियों को स्थायी करना और ठेका व्यवस्था समाप्त करना शामिल है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने और कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी की जा रही है।
दीपावली से पहले बढ़ी शहरों की मुश्किलें
दीपावली के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सफाई की जरूरत होती है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने पर कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है।


