रायपुर, 29 अगस्त। Nepal: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के तेज बहाव में घर, वाहन, पुल और अन्य ढांचे बह गए। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें चारों तरफ बाढ़ के पानी और मलबे के बीच एक मकान मजबूती से खड़ा दिखाई दे रहा है। इस मकान को देखकर लोग हैरान हैं कि इतनी भीषण बाढ़ के बावजूद यह कैसे सुरक्षित रहा।
चारों ओर बहते दिखे घर और वाहन
वीडियो तिब्बत सीमा के पास स्थित एक नेपाली गांव का बताया जा रहा है। बाढ़ के दौरान तेज बहाव ने गांव के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास कई घर और वाहन पानी के साथ बहते नजर आए, लेकिन एक फिरोजी रंग का मकान बाढ़ के बीच खड़ा रहा। मकान की छत पर लोग भी दिखाई दे रहे हैं
पिलर-बीम स्ट्रक्चर ने निभाई अहम भूमिका
इंजीनियर और स्लीपी क्लासेज IAS के को-फाउंडर शेखर दत्त ने वीडियो में दिखाई दे रहे मकान की संरचना को इसके सुरक्षित रहने की एक प्रमुख वजह बताया। उनके अनुसार, नेपाल में इस तरह के मकानों में प्लिंथ, कॉलम और बीम से बना फ्रेम होता है, जिसे आम तौर पर पिलर वाला घर कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि मजबूत कॉलम और बीम एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। ऐसे में किसी एक हिस्से को नुकसान पहुंचने पर भी पूरा फ्रेम कुछ हद तक भार संभाल सकता है। हालांकि, अगर बाढ़ के साथ आया भारी मलबा पिलर को गंभीर नुकसान पहुंचा दे, तो इमारत के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
मजबूत बुनियाद भी बनी सुरक्षा की वजह
एक्सपर्ट के मुताबिक, मकान की बुनियाद यानी प्लिंथ की मजबूती भी महत्वपूर्ण होती है। तेज बहता पानी घर के नीचे की मिट्टी को काट सकता है। मजबूत और ऊंचा प्लिंथ होने से मिट्टी के कटाव का खतरा कम हो सकता है और बहते पानी के प्रभाव से संरचना को कुछ सुरक्षा मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मकान की संरचना मजबूत होने के साथ-साथ उसकी स्थिति भी अहम रही। बाढ़ का तेज पानी मकान के भीतर जाने के बजाय उसके आसपास से होकर निकल गया, जिससे घर को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ।
इस घटना से यह भी सामने आता है कि बाढ़ जैसे हालात में किसी इमारत की मजबूत नींव और पिलर-बीम संरचना उसकी मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि, किसी भी मकान की सुरक्षा का आकलन स्थानीय परिस्थितियों और इंजीनियरिंग जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।


