नई दिल्ली, 29 सितंबर। Protest News: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों के बीच यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, शीर्ष अदालत ने इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
चुनाव आयोग के फैसलों पर विवाद
इस पूरे मामले में एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद विवाद और तेज हो गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आपत्तियों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और आयोग की अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। इस मांग को लेकर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन किए गए। वहीं, चुनाव आयोग ने अपने कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रखा है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
चुनाव आयोग के कामकाज और उसके हालिया फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। अब इस मामले में अदालत की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
19 फरवरी 2025 को संभाला था पदभार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। उनके इस्तीफे की मांग और चुनाव आयोग के फैसलों को लेकर जारी विवाद के बीच यह मामला राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बना हुआ है।


