Raigarh Karma Festival: मांदर बजाकर कर्मा नृत्य में शामिल हुए CM साय… आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा महोत्सव

Raigarh Karma Festival: मांदर बजाकर कर्मा नृत्य में शामिल हुए CM साय… आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा महोत्सव

रायगढ़, 16 अक्टूबर। Raigarh Karma Festival: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड के ग्राम सारसमाल में आयोजित कर्मा पूजा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान करम देव और भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खुद मांदर बजाया और समाज के महिला-पुरुषों के साथ पारंपरिक कर्मा नृत्य भी किया। उनकी सहभागिता से आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

उरांव समाज विकास समिति, छत्तीसगढ़-ओडिशा हिमगिर क्षेत्र की ओर से आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान और संघर्ष की मिसाल है। प्रकृति के प्रति श्रद्धा और जल, जंगल व जमीन के संरक्षण की परंपरा जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण पहचान है। उन्होंने कहा कि कर्मा पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

जनजातीय महापुरुषों के योगदान को याद किया

मुख्यमंत्री साय ने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन हुआ। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज तक शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी का पहुंचना समाज के सम्मान और भागीदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय को भी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर जोर

मुख्यमंत्री ने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। प्रयास आवासीय विद्यालयों और नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि दिल्ली में जनजातीय विद्यार्थियों के छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। इससे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।

साय ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रियाओं, रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और औद्योगिक निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दे रही है। उन्होंने युवाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाकर शिक्षा, तकनीक, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेंगी बुनियादी सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आवास, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवार भी विकास योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।

राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने, युवाओं को शिक्षित करने और सामाजिक एकता मजबूत बनाने पर जोर दिया। वहीं, उरांव समाज विकास समिति के अध्यक्ष पनत राम भगत ने कर्मा पर्व की परंपरा, समाज की भाषा, लोककला और प्रकृति से जुड़ाव के महत्व पर प्रकाश डाला।

पारंपरिक नृत्य और लोककलाओं ने बांधा समां

महोत्सव में पारंपरिक वेशभूषा में सजे महिला-पुरुषों ने मांदर, मृदंग और ढोल की थाप पर सामूहिक कर्मा नृत्य प्रस्तुत किया। लोकगीतों और पारंपरिक धुनों के बीच पूरा आयोजन जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। कर्मा पर्व के माध्यम से समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति के प्रति आस्था और सामूहिक एकजुटता का संदेश दिया।

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