Raipur Dussehra: रायपुर में 5 लाख लोग देखेंगे रावण दहन… WRS मैदान में होगा भव्य आयोजन

Raipur Dussehra: रायपुर में 5 लाख लोग देखेंगे रावण दहन… WRS मैदान में होगा भव्य आयोजन

रायपुर, 19 अक्टूबर। Raipur Dussehra: राजधानी रायपुर में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 20 अक्टूबर को शहर में कई स्थानों पर रावण दहन के बड़े आयोजन होंगे। इनमें डब्ल्यूआरएस मैदान का कार्यक्रम मुख्य आकर्षण रहेगा, जहां 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों के अनुमान के मुताबिक, इस आयोजन को देखने करीब 5 लाख लोग पहुंच सकते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, पार्किंग, यातायात, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

WRS मैदान में 101 फीट के रावण का दहन

डब्ल्यूआरएस मैदान में भगवान श्रीराम के स्वरूप द्वारा अग्निबाण चलाकर रावण दहन किया जाएगा। इस दौरान रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी की जा रही  है।

बोरियाखुर्द में रावण के साथ जलेगा कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला

बोरियाखुर्द के खेल मैदान में 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यहां कुंभकर्ण और मेघनाथ के 30-30 फीट ऊंचे पुतले भी जलाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, योग प्रदर्शन और भजन संध्या का आयोजन भी होगा।

सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट का रावण

बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में शाम 6 बजे 50 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। इससे पहले भक्ति गीतों का कार्यक्रम होगा, जबकि रावण दहन के बाद आतिशबाजी की जाएगी। वहीं, शंकर नगर के बीटीआई मैदान और रावणभाठा मैदान में भी दशहरा उत्सव को लेकर तैयारियां जारी हैं।

रावण के पुतले बनाने की लागत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ी

इस बार रावण के पुतले तैयार करने की लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। कारीगर गोपाल राव के मुताबिक, बांस, कागज, कपड़े, पेंट और सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री महंगी होने के कारण पुतले बनाने का खर्च करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

उन्होंने बताया कि पुतले की ऊंचाई जितनी अधिक होती है, उसके निर्माण में सामग्री और मजदूरी का खर्च भी उतना ही बढ़ जाता है।

सुरक्षा और यातायात पर रहेगा जोर

दशहरा आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। आयोजकों की ओर से पार्किंग, पेयजल और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से उत्सव का आनंद ले सकें।

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