Rajasthan News: ‘दृश्यम’ देखकर रची हत्या की साजिश… प्रेमिका का शव खेत में दफनाया

Rajasthan News: ‘दृश्यम’ देखकर रची हत्या की साजिश… प्रेमिका का शव खेत में दफनाया

बिलाड़ा, 29 अगस्त। Rajasthan News: राजस्थान के बिलाड़ा क्षेत्र में प्रेमिका की हत्या कर शव खेत में गाड़ने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रेमी राजू गिरी ने हत्या की साजिश रचने से पहले फिल्म ‘दृश्यम’ के दोनों पार्ट कई बार देखे थे। फिल्म से कथित तौर पर आइडिया लेकर उसने शव को खेत में ऐसी जगह छिपाया, जहां करीब पांच महीने तक पुलिस को उसका सुराग नहीं मिला।

प्रेम संबंध के बाद बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, ब्यावर निवासी लीला देवी और पिचियाक निवासी राजू गिरी के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात जैतारण के एक होटल में हुई थी। प्रेम संबंध के चलते राजू की दिव्यांग पत्नी उसे छोड़कर पीहर चली गई थी।

बताया गया है कि राजू ने अपनी प्रेमिका को पत्नी के गहने तक दे दिए थे। बाद में लीला की ओर से दो लाख रुपये की मांग किए जाने के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद राजू ने उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी।

खेत में ले जाकर हत्या का आरोप

पुलिस के मुताबिक, 13 मार्च को राजू के बुलाने पर लीला उससे मिलने पहुंची थी। वह उसे बिलाड़ा से करीब 40 किलोमीटर दूर खोखरिया गांव के पास स्थित अपने खेत पर ले गया। आरोप है कि 14-15 मार्च की रात राजू ने लीला को शराब पिलाई और लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

इसके बाद आरोपी ने शव को खेत के किनारे झाड़ियों में डाल दिया। पुलिस के अनुसार, राजू को उम्मीद थी कि सुनसान इलाके में जंगली जानवर शव को नष्ट कर देंगे।

पांच महीने तक पुलिस को करता रहा गुमराह

11 अप्रैल को लीला के पिता कालूसिंह ने साकेत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान राजू ने पुलिस को बताया कि लीला 15 मार्च को उसके पास आई थी, लेकिन इसके बाद वह वहां से चली गई।

बाद में 11 अगस्त को लीला के बेटे ने अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने राजू से दोबारा पूछताछ की। इस दौरान उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली, लेकिन शव के ठिकाने को लेकर पुलिस को अलग-अलग कहानियां बताता रहा।

कभी तालाब, कभी श्मशान की बताई कहानी

आरोपी ने पहले दावा किया कि उसने शव तालाब में फेंक दिया है। पुलिस ने कई घंटे तक तलाश की, लेकिन कोई शव नहीं मिला। इसके बाद उसने शव को श्मशान घाट में जलती चिता में जलाने की बात कही। पुलिस ने राख में भी हड्डियों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

फिर आरोपी ने दावा किया कि उसने अपने परिचित विजय सिंह को 20 हजार रुपये देकर शव ठिकाने लगाने को कहा था। जांच में सामने आया कि विजय सिंह की करीब आठ महीने पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया।

मोबाइल लोकेशन से खुला राज

पुलिस ने मृतका के मोबाइल की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। जांच में सामने आया कि वारदात से पहले लीला की लोकेशन खोखरिया गांव की ओर थी और बाद में उसका मोबाइल पिचियाक में सक्रिय था।

इन सुरागों के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने राजू के खोखरिया स्थित खेत में ट्रैक्टर से खुदाई कराई। खुदाई के दौरान वहां से कंकाल, हड्डियां, बैग और आधार कार्ड बरामद किए गए।

इसके बाद पुलिस ने बरामद साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी ने पूरी वारदात कबूल कर ली।

पुलिस के अनुसार, राजू जनवरी-फरवरी से ही हत्या की योजना बना रहा था और उसने ‘दृश्यम’ के दोनों पार्ट कई बार देखकर शव छिपाने का तरीका समझने की कोशिश की थी। हालांकि, तकनीकी जांच से मिले सुरागों ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

क्राइम न्यूज