शिवरीनारायण, 15 अक्टूबर। Shivrinarayan: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ विधि-विधान से महाआरती की और महानदी मैया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
महानदी के तट पर दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।

महानदी छत्तीसगढ़ की आस्था और संस्कृति की पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी केवल जल की धारा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन का अभिन्न हिस्सा है। सदियों से महानदी प्रदेश की कृषि और अर्थव्यवस्था को संबल देती रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानेंगे।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल है तो कल है। पानी के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। इसलिए वर्षा जल की हर बूंद को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना जरूरी है।
उन्होंने गांवों और शहरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था विकसित करने, रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने, सोकपिट बनाने और भूजल पुनर्भरण के उपाय अपनाने पर जोर दिया। साथ ही परंपरागत तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की अपील की।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में जल संचय-जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी जल संरक्षण के प्रयासों को व्यापक बनाकर प्रत्येक गांव, नगर और परिवार को इस अभियान से जोड़ना होगा।
नदियों को स्वच्छ रखने का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी सहित प्रदेश की सभी नदियां जीवनरेखा हैं। चित्रोत्पला गंगा महाआरती जैसे आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने के साथ प्रकृति के प्रति हमारे दायित्व की याद दिलाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल का अपव्यय रोकने, नदियों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने तथा जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
शिवरीनारायण की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी यह पावन नगरी छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसकी पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने की अपील की। वहीं, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शिवरीनारायण की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के प्रयासों की जानकारी दी।
इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े, नारायण चंदेल, महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


