चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। Sukhbir Singh Badal Statement: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर नए सियासी समीकरण बनने की अटकलें लगाई जा रही हैं। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद पंजाब को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। उनके इस बयान के बाद भाजपा के साथ अकाली दल के पुराने रिश्तों और संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सुखबीर बादल ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ किसी भी तरह के समझौते की संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अकाली दल पंजाब की क्षेत्रीय पार्टी है और राज्य के हित उसके लिए सबसे अहम हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी की विचारधारा से सहमत दलों के साथ बातचीत के रास्ते खुले हैं।
भाजपा की वापसी पर अभी कोई ऐलान नहीं
बादल के बयान को भाजपा के साथ संभावित नजदीकी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उन्होंने गठबंधन या NDA में दोबारा शामिल होने को लेकर कोई सीधी बात नहीं कही है। ऐसे में दोनों दलों के बीच बातचीत या किसी समझौते की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
कृषि कानूनों पर अलग हुए थे दोनों दल
भाजपा और अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में सहयोगी रहे। दोनों ने कई चुनाव मिलकर लड़े, लेकिन केंद्र के कृषि कानूनों को लेकर मतभेद बढ़ने के बाद सितंबर 2020 में अकाली दल ने NDA से अलग होने का फैसला किया था। इसके बाद से दोनों पार्टियां अलग-अलग राजनीतिक राह पर चल रही हैं।
अब सुखबीर बादल के ताजा बयान ने पंजाब में संभावित नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर बहस फिर तेज कर दी है। हालांकि, गठबंधन की तस्वीर तभी साफ होगी जब दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की जाएगी।


