भोपाल, 23 अगस्त। Teacher Award: राजधानी भोपाल के शिक्षा जगत के लिए गर्व की खबर है। शासकीय विद्यालय की शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला का चयन देश के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026’ के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश से इस सम्मान के लिए दो शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें सीधी जिले के शिक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह भी शामिल हैं।
पिछले 16 वर्षों से शासकीय स्कूल में सेवाएं दे रहीं डॉ. अर्चना शुक्ला ने विज्ञान शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए हैं। उन्होंने बच्चों को केवल किताबें पढ़ाने के बजाय रिसर्च और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से जोड़ा।
गौरैया संरक्षण से लेकर रिसर्च पेपर तक
डॉ. शुक्ला ने छात्रों को गौरैया की घटती संख्या पर शोध के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक तरीके से नेस्ट बॉक्स तैयार किए। उनके मार्गदर्शन में 11वीं कक्षा के जीव विज्ञान के छात्रों ने इस विषय पर रिसर्च पेपर भी प्रकाशित किया।
बीज संरक्षण के लिए स्कूलों में ‘बीज डिब्बे’ रखवाए गए। उनका मानना है कि बीज कचरा नहीं, बल्कि जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार हैं।
5 हजार से ज्यादा पेड़ों पर लगाए QR कोड
डॉ. शुक्ला के मार्गदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 5 हजार से अधिक पेड़ों पर QR कोड लगाए गए। इस प्रोजेक्ट ने छात्रों को प्रकृति और तकनीक से जोड़ने का काम किया। इसी प्रोजेक्ट से प्रेरित एक छात्र ने आगे चलकर IIT रुड़की में दाखिला लिया।
उनके छात्रों ने पौधों की वृद्धि और उनसे संवाद पर आधारित ‘प्लांट इमोशन’ प्रोजेक्ट भी तैयार किया, जिसे एक विद्यार्थी ने जापान में प्रस्तुत किया।
42 देशों के मंच पर पहुंचा छात्रों का प्रोजेक्ट
छात्रों द्वारा तैयार पासवर्ड-प्रोटेक्टेड QR कोड प्रोजेक्ट को दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए विकसित किया गया। इस प्रोजेक्ट को जून में 42 देशों के मंच पर प्रस्तुत किया गया।
पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
डॉ. अर्चना शुक्ला को शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचारों के लिए पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें 2020 में राज्यपाल पुरस्कार, 2021 में वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार और दिल्ली में ‘नेक्सस ऑफ गुड’ सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।


