रायपुर, 16 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस के लिए ज्यादा समय देने की मांग उठी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेजकर विधानसभा सत्र के कार्यदिवस बढ़ाने की बात कही है। उनका मानना है कि कम अवधि के सत्र में कई जरूरी विषयों पर सदन का ध्यान नहीं जा पाता।
15 अक्टूबर को लिखे पत्र में महंत ने किसानों की दिक्कतों, बिजली संकट, कानून-व्यवस्था और खराब सड़कों के साथ स्वास्थ्य व शिक्षा सेवाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भी सदन में पर्याप्त समय की जरूरत बताई।
महंत ने ध्यान दिलाया कि सीमित कार्यावधि के चलते ध्यानाकर्षण, स्थगन प्रस्ताव और शून्यकाल के जरिए उठाए जाने वाले सवालों पर कई बार विस्तार से चर्चा नहीं हो पाती। इससे जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याएं सामने रखने का अवसर कम मिलता है।
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि जब लोगों की समस्याओं पर उचित चर्चा नहीं होती, तो उनका असंतोष विरोध-प्रदर्शन और आंदोलनों के रूप में सामने आ सकता है। स्कूली बच्चों का अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरना भी उन्होंने चिंताजनक बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से विधानसभा अध्यक्ष, कार्यमंत्रणा समिति और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श कर सत्र की अवधि बढ़ाने की व्यवस्था बनाने का आग्रह किया है। इस मांग पर सरकार की ओर से अभी क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।


