दुर्ग, 10 जून। दुर्ग जिले के हजारों जमीन मालिकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के 25 गांवों में जमीन से जुड़े सभी बड़े लेन-देन पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब इन गांवों में भूमि की खरीदी-बिक्री, नामांतरण, खाता विभाजन और भूमि उपयोग परिवर्तन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
यह फैसला ईस्ट एंड वेस्ट डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के तहत लिया गया है, जिसे देश की सबसे बड़ी माल परिवहन रेल परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल से गुजरात तक लगभग 2200 किलोमीटर लंबा होगा।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके शुरू होने के बाद भिलाई स्टील प्लांट, सीमेंट उद्योग और अन्य खनिज आधारित उद्योगों को तेज और कम लागत में माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी।
प्रशासन के आदेश के बाद प्रभावित गांवों में फिलहाल किसी भी प्रकार के भूमि संबंधी लेन-देन पर रोक रहेगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में संबंधित व्यक्ति कलेक्टर कार्यालय में आवेदन देकर अनुमति प्राप्त कर सकता है।
यह प्रतिबंध दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के कुल 25 गांवों में लागू किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगला आदेश जारी होने तक यह रोक प्रभावी रहेगी।


