रायपुर, 23 सितंबर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और प्रार्थना सभाओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मिशनरी संगठन कानून से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। चंद्राकर ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है, लेकिन किसी भी धार्मिक गतिविधि का संचालन कानून के दायरे में रहकर ही होना चाहिए।
अजय चंद्राकर ने कहा कि सामान्य रूप से प्रार्थना करने के लिए किसी व्यक्ति को आवेदन देने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना के लिए चर्च, मस्जिद, मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल पहले से मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी धार्मिक स्थल पर जाकर प्रार्थना करना चाहता है, तो इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं पड़ती।
भाजपा विधायक ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पूजा-पाठ और प्रार्थना को लेकर किसी को आपत्ति नहीं है। विवाद तब पैदा होता है, जब धार्मिक गतिविधियों की आड़ में नियमों और कानूनों से बचने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धर्म के लिए निर्धारित धार्मिक स्थल और व्यवस्थाएं हैं और धार्मिक कार्यक्रम उन्हीं के अनुसार आयोजित किए जाने चाहिए।
चंद्राकर ने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से जरूरी है। कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन भी जरूरी है।


