नई दिल्ली, 23 जुलाई। NEET Controversy: NEET विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले का समाधान संवाद के जरिए निकालने की अपील की है।
अन्ना हजारे ने अपने पत्र में कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बल प्रयोग से नहीं, बल्कि बातचीत और आपसी समझ से होना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। अन्ना हजारे ने कहा कि यदि किसी स्तर पर गंभीर चूक हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और संबंधित लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि छात्रों और अभिभावकों का लंबे समय से चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस मामले का समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही अहिल्यानगर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात कर सकते हैं और उनकी मांगों को विस्तार से जानेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से हटाए जाने पर भी नाराजगी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।


