रायपुर, 30 जुलाई। CG News: छत्तीसगढ़ के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के निर्देश के अनुसार जुलाई महीने का वेतन ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर जारी किया जाएगा। आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच नई व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि प्रदेश के दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या आम है। कई बार तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में केवल ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर वेतन जारी करना शिक्षकों के हित में नहीं होगा।
शिक्षकों का कहना है कि तकनीकी खामी का खामियाजा कर्मचारियों को नहीं भुगतना चाहिए। यदि किसी कारणवश ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है, तो संस्था प्रमुख या प्राचार्य के सत्यापन के आधार पर उपस्थिति को मान्य किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी शिक्षक का वेतन प्रभावित न हो।
वहीं, DPI के आदेश में अशंकालिक कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य किए जाने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। हालांकि, शिक्षकों के संबंध में निर्देश पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से विभागीय स्तर पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कई शिक्षकों के बीच वेतन भुगतान को लेकर संशय बना हुआ है।
शिक्षक संगठनों ने शासन से मांग की है कि ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को लागू करने से पहले तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, जिन क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी शिक्षक का वेतन प्रभावित न हो।


