जशपुर, 18 अगस्त। Gaj rath Yatra: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जशपुर वनमंडल के जनजागरूकता अभियान पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ का विमोचन किया। यह पुस्तक मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों और अभिनव गतिविधियों का दस्तावेज है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर वन-संपदा और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। जनसुरक्षा के साथ हाथियों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मानव और हाथियों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व के लिए जनभागीदारी को जरूरी बताया।
गांवों और स्कूलों तक पहुंच रही ‘गजरथ यात्रा’
जशपुर वनमंडल द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गजरथ यात्रा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत गांवों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, आवास, भोजन और विचरण क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है।
लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उनकी मौजूदगी में अनावश्यक रूप से करीब नहीं जाने और आपात स्थिति में वन विभाग को सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य हाथियों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर लोगों में वैज्ञानिक और संवेदनशील सोच विकसित करना है।
‘राज संकेत’ ऐप से मिल रही हाथियों की जानकारी
हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सूचना पहुंचाने के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है। ‘राज संकेत’ ऐप के जरिए हाथियों के विचरण की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीणों को मोबाइल संदेश के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है।
वन विभाग के मैदानी अमले, त्वरित प्रतिक्रिया दल और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय के जरिए जनसुरक्षा और हाथी प्रबंधन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन, जनसुरक्षा और हाथी संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने वनकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैदानी अमले की तत्परता और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण है।
‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में वन्यजीव संरक्षण, जनजागरूकता, ग्रामीणों की भागीदारी और विद्यार्थियों को वन संरक्षण से जोड़ने जैसी गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। अभियान के जरिए जशपुर में मानव सुरक्षा और हाथी संरक्षण को साथ लेकर चलने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


