रायपुर, 19 अगस्त। CG Transfer: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए 23 IAS और IFS अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि गरियाबंद, कांकेर, मुंगेली, सक्ती, कबीरधाम और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के कलेक्टर भी बदल दिए गए हैं।
इन जिलों को मिले नए कलेक्टर
- कांकेर: कुंदन कुमार को कलेक्टर बनाया गया है। वे इससे पहले मुंगेली कलेक्टर थे।
- मुंगेली: अमृत विकास तोपनो को नई जिम्मेदारी मिली है। वे पहले सक्ती कलेक्टर थे।
- सक्ती: जयश्री जैन को कलेक्टर बनाया गया है। इससे पहले वे वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव थीं।
- कबीरधाम: तुलिका प्रजापति को कलेक्टर बनाया गया है। वे पहले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर थीं।
- गरियाबंद: रणबीर शर्मा को कलेक्टर बनाया गया है। वे इससे पहले समाज कल्याण विभाग के संचालक थे।
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: तनुजा सलाम को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वे पहले खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक थीं।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां
सोनमणि बोरा को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
आर. संगीता को सचिव, मंत्रालय के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं भुवनेश यादव को उनके वर्तमान कार्यों के साथ आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर को संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास बनाया गया है। वहीं रिमजिउस एक्का को विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी देते हुए जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
कई मैदानी अधिकारियों का भी तबादला
भगवान सिंह उइके को गरियाबंद कलेक्टर पद से हटाकर संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। गोपाल वर्मा को कबीरधाम कलेक्टर पद से स्थानांतरित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है।
इसके अलावा लीना कोसम को दुर्ग नगर निगम का आयुक्त, सौमिल रंजन चौबे को प्रबंध संचालक, पर्यटन मंडल और बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई को अपर कलेक्टर, बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं IFS अधिकारी विवेक आचार्य की सेवाएं उनके मूल विभाग वन विभाग को वापस कर दी गई हैं।
सरकार के इस फेरबदल को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से जिलों और विभागों में प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाने की उम्मीद है।


