रायपुर, 2 सितम्बर।Education News: राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई इस मुलाकात में विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन की यात्रा और राष्ट्रपति से हुए आत्मीय संवाद के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। सही अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं।
विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात उनके लिए बेहद यादगार रही। राष्ट्रपति ने उनसे पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों को लेकर सहजता से बातचीत की। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए खास पलों के बारे में भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
नुकेश को राष्ट्रपति ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर हुई इस मुलाकात का खास पल तब आया, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति के इस स्नेह ने नुकेश सहित वहां मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए इस मुलाकात को और भी यादगार बना दिया।
राष्ट्रपति भवन में दिखी छत्तीसगढ़ की संस्कृति
इस दौरान छात्राओं ने राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक सुवा नृत्य की प्रस्तुति भी दी। लोकगीत और नृत्य के जरिए विद्यार्थियों ने देश के प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक दिखाई। राष्ट्रपति ने इस सांस्कृतिक प्रस्तुति की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ प्रदेश की लोक संस्कृति को प्रस्तुत करना गौरव का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रपति से मिले प्रोत्साहन को प्रेरणा बनाकर मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर की राजवती पोयाम, सुकमा के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग की पायल राजानी, महासमुंद की रागनी साहू, रायपुर के नुकेश कुमार वर्मा, महासमुंद के दुर्गेश साहू और डिगेश सेन शामिल रहे। इस दौरान डॉ. मुक्ति बैस और व्याख्याता चंद्रशेखर मिथलेश भी मौजूद रहे।


