नवरात्रि से पहले गरबा-डांडिया को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान

नवरात्रि से पहले गरबा-डांडिया को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान

रायपुर, 4 अक्टूबर। नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ में गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रवेश को लेकर सियासी बहस शुरू हो गई है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस नेताओं के साथ धार्मिक प्रतिनिधियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

डॉ. सलीम राज ने गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत पहचान के जरिए प्रवेश जैसी घटनाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए मुस्लिम युवाओं से इससे दूरी बनाए रखने की अपील की।

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

सलीम राज के बयान पर पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलाम रिजवी और कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सलीम राज पर बयानबाजी के जरिए विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।

भाजपा ने किया बयान का बचाव

वहीं भाजपा प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने सलीम राज के बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि गरबा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसकी अपनी परंपराएं हैं।

धार्मिक प्रतिनिधि राजीव लोचन महाराज ने भी गरबा आयोजनों को मर्यादा और परंपरा के साथ मनाने की बात कही है।

नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में प्रवेश, धार्मिक मर्यादा और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर शुरू हुई यह बहस अब राजनीतिक मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। अलग-अलग पक्षों के बयानों के बीच आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

राज्य खबर