गुवाहाटी, 28 जुलाई। Assam News: असम में लाखों लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया हैं। इस साल आई भीषण बाढ़ ने अब तक 68 लोगों की जान ले ली है, हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है, लेकिन राज्य के पांच जिलों में अब भी 5.24 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। चराइदेव सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहां करीब 1.9 लाख लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राज्य सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य के मंत्री विभिन्न जिलों का दौरा कर पुनर्वास कार्यों में समन्वय स्थापित करेंगे। सरकार की प्राथमिकता सबसे अधिक प्रभावित जिलों के लोगों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 37,724 विस्थापित लोगों को आश्रय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज तथा असम पुलिस संयुक्त रूप से बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन इलाकों में सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति बंद की गई थी, वहां व्यापक सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से बिजली बहाल की जा रही है। शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव, धुबरी और बोंगाईगांव सहित कई जिलों में बिजली आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
बाढ़ के कारण कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान अब बहाली और पुनर्वास पर केंद्रित है। क्षतिग्रस्त स्कूलों और सार्वजनिक ढांचों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।


