रायपुर, 19 अक्टूबर। Bhupesh Baghel Statement: छत्तीसगढ़ में गरबा और मूर्ति पूजा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का हवाला देते हुए जवाब दिया। इसके बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बघेल पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है।
दरअसल, मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा था कि मूर्ति पूजा नहीं करने वालों का गरबे में क्या काम? उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने भारतीय दर्शन और विभिन्न धार्मिक परंपराओं का जिक्र किया।
भूपेश बघेल ने किन परंपराओं का दिया उदाहरण?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कबीर पंथ, सिख धर्म और सतनाम पंथ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में ऐसी कई धार्मिक परंपराएं हैं, जहां गुरु परंपरा को महत्व दिया जाता है और मूर्ति पूजा नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर टिप्पणी करने से पहले भारतीय परंपराओं और उनकी विविधता को समझना जरूरी है।
बीजेपी ने लगाया सनातन धर्म के अपमान का आरोप
भूपेश बघेल के बयान के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर उन पर निशाना साधा। पार्टी ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बघेल ने सनातन धर्म का अपमान किया है।
वहीं, पूर्व विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी बघेल के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी पूर्व मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देती। उन्होंने मूर्ति पूजा को लेकर दिए गए बयान को भी बेतुका बताया।
गरबा विवाद से बढ़ी सियासी तकरार
गरबा और मूर्ति पूजा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धार्मिक परंपराओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान, भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया और बीजेपी के पलटवार के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है।


