रायपुर, 17 सितम्बर। CG Ayushman Hospital: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को लेकर अस्पतालों की मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग ने योजना से जुड़े अस्पतालों को मरीजों के इलाज और रेफरल को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश के मुताबिक, जिस बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर या जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां मरीज को केवल भर्ती करके नहीं रखा जा सकेगा। ऐसे मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के हायर सेंटर रेफर करना होगा, ताकि समय पर उचित इलाज मिल सके।
अस्पतालों में लगाना होगा जानकारी का बोर्ड
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध इलाज और संबंधित पैकेज की राशि की जानकारी प्रमुख स्थान पर बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों को यह भी स्पष्ट जानकारी देनी होगी कि कौन-सी बीमारी और उपचार योजना के दायरे में आते हैं और कौन-से नहीं।
इसके लिए अस्पतालों में हेल्पडेस्क और प्रशिक्षित काउंसलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को योजना से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके।
सुविधाओं के अनुसार ही करना होगा इलाज
विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल अपनी उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के आधार पर ही मरीजों का उपचार करें। अगर किसी अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो मरीज को वहां रोकने के बजाय उचित इलाज की सुविधा वाले संस्थान में समय पर रेफर करना जरूरी होगा।
इसके साथ ही अस्पतालों को मरीजों और उनके परिजनों पर किसी भी तरह का अनावश्यक आर्थिक दबाव नहीं डालने के निर्देश दिए गए हैं।


