रायपुर, 28 अक्टूबर। CG Congress: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली से पहले छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है। रैली में शामिल होने के लिए प्रदेश से कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रही कांग्रेस को रेलवे से बड़ा झटका लगा है। पार्टी के मुताबिक, रेलवे ने प्रस्तावित तारीखों पर स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
पहले खर्च बताया, फिर ट्रेन देने से किया इनकार
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली रैली में कार्यकर्ताओं को पहुंचाने के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी से विशेष ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने पत्राचार किया था।
कांग्रेस का कहना है कि शुरुआती प्रक्रिया में ट्रेन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई गई थी और संचालन का अनुमानित खर्च भी बताया गया था। पार्टी निर्धारित खर्च का भुगतान करने के लिए तैयार थी। हालांकि, 26 अक्टूबर को रेलवे की ओर से पत्र भेजकर प्रस्तावित तारीखों पर ट्रेन उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई गई।
इसके बाद कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रेलवे ने प्रतिबंधित अवधि का दिया हवाला
विशेष ट्रेन उपलब्ध नहीं कराने के मामले में रेलवे ने परिचालन संबंधी कारण बताए हैं। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डिप्टी चीफ ऑपरेशंस मैनेजर अमित सिंह ने आईआरसीटीसी को भेजे पत्र में कहा कि प्रस्तावित यात्रा की तारीखें अधिसूचित प्रतिबंधित अवधि में आती हैं।
इसी आधार पर निर्धारित तारीखों पर एफटीआर (फुल टैरिफ रेट) विशेष ट्रेन की बुकिंग संभव नहीं बताई गई। रेलवे की ओर से प्रतिबंधित अवधि से बाहर की तारीखों के लिए नियमों और परिचालन की व्यवहार्यता के अनुसार नया प्रस्ताव देने की सलाह भी दी गई।
कांग्रेस ने रायपुर से नई दिल्ली के लिए 30 अक्टूबर को विशेष ट्रेन चलाने और 1 नवंबर को वापसी की ट्रेन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था। रेलवे के जवाब के बाद पार्टी को अब वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ रही है।
कांग्रेस बोली- बाधाओं के बावजूद दिल्ली पहुंचेंगे कार्यकर्ता
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कितनी भी बाधाएं खड़ी कर ले, छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी ने रेलवे के फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
हालांकि, रेलवे के पत्र में राजनीतिक कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। रेलवे ने प्रस्तावित तारीखों पर प्रतिबंधित अवधि लागू होने और परिचालन संबंधी कारणों से बुकिंग संभव नहीं होने की बात कही है।
अब नियमित ट्रेनों, बसों और निजी वाहनों से जाने की तैयारी
स्पेशल ट्रेन नहीं मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए वैकल्पिक साधनों पर विचार किया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक, कार्यकर्ता नियमित रेल सेवाओं, बसों, निजी वाहनों और हवाई यात्रा के जरिए दिल्ली पहुंचेंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को रैली की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। 25 अक्टूबर को जारी संगठनात्मक आदेश में वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया था। साथ ही संबंधित नेताओं से अपना यात्रा कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजने के निर्देश दिए गए थे।
अब कम समय में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की यात्रा व्यवस्था करना पार्टी के सामने चुनौती है। नियमित ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता और अन्य साधनों से यात्रा का खर्च भी तैयारियों को प्रभावित कर सकता है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी महारैली
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित है। इस रैली में कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे उठाएगी।
पार्टी का कहना है कि रैली के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग की जाएगी। छत्तीसगढ़ में स्पेशल ट्रेन को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे कार्यकर्ताओं की भागीदारी प्रभावित करने की कोशिश बता रही है, वहीं रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों का हवाला दिया है।


