Chhattisgarh Politics: सनातन संस्कृति पर टिप्पणी को लेकर पुरन्दर मिश्रा ने राहुल गांधी को घेरा

Chhattisgarh Politics: सनातन संस्कृति पर टिप्पणी को लेकर पुरन्दर मिश्रा ने राहुल गांधी को घेरा

रायपुर, 03 नवम्बर। Chhattisgarh Politics: रामलीला मैदान में राहुल गांधी द्वारा भगवान शिव की बारात और तांडव का उल्लेख किए जाने पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान शिव की बारात सामाजिक समरसता, सद्भाव और एकात्मता का प्रतीक है, जबकि तांडव सनातन धर्म का गहन आध्यात्मिक दर्शन है। इसे राजनीतिक अराजकता से जोड़ना उचित नहीं है।

भाजपा की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी को शिवतत्त्व और सनातन संस्कृति की गहराई समझनी चाहिए। साथ ही सनातन संस्कृति की भावनाओं को आहत करने वाले बयानों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के बहिष्कार को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर जैसे गौरवशाली अवसर पर कांग्रेस नेताओं के कार्यक्रम से दूरी बनाने से छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं। भाजपा ने कांग्रेस से प्रदेशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

इसके अलावा भाजपा ने 1984 के सिख नरसंहार का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस से उस घटना और तत्कालीन नेताओं की भूमिका पर जवाब देने को कहा। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर इतिहास की घटनाओं पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस का बहिष्कार करती है।

रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की भीड़ जुटने के कांग्रेस के दावे पर भी भाजपा ने सवाल उठाए। भाजपा का कहना है कि मैदान की कुल क्षमता लगभग 45 हजार बताई जाती है, ऐसे में कांग्रेस को अपने दावे की वास्तविकता स्पष्ट करनी चाहिए।

भाजपा ने कांग्रेस पर राजनीतिक टकराव और भ्रम का माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश को अराजकता नहीं, बल्कि एकता और राजनीतिक स्वार्थ के बजाय राष्ट्रहित की आवश्यकता है। पार्टी ने कहा कि सनातन संस्कृति, सिख समाज के सम्मान और छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

News and Politics