Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session: महतारी वंदन पर हंगामा…कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया

Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session: महतारी वंदन पर हंगामा…कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया

रायपुर, 17 जुलाई| Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल के दौरान महतारी वंदन योजना में 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने का मुद्दा छाया रहा। कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाते हुए विरोध किया, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

1.55 लाख नाम हटने पर सरकार का जवाब

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना से नाम हटाने की वजह मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होना, आयकरदाता बनना और अपात्र पाए जाना है। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।

कांग्रेस विधायकों ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना के लाभ से बाहर किया गया है।

राशन और सामूहिक विवाह का मुद्दा भी उठा

प्रश्नकाल में राशन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। विधायक शेषराज हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को अतिरिक्त चावल देने की मांग की। वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में जबरन मसाले बेचने का आरोप लगाया।

खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि शिकायत और दस्तावेज मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र के मामले को उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

कांग्रेस ने पेश किया अविश्वास प्रस्ताव

प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए अविश्वास प्रस्ताव रखा।

महंत ने हसदेव अरण्य, कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, पेसा कानून, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में पेड़ कटाई, भारतमाला सड़क परियोजना और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए।

हसदेव अरण्य को लेकर सरकार पर हमला

महंत ने आरोप लगाया कि हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई और खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा बताया।

उन्होंने कहा कि जंगलों को बचाने की जरूरत है और सरकार पर प्राकृतिक संसाधनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

कानून व्यवस्था और किसानों के मुद्दे उठाए

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस ने महिलाओं की सुरक्षा, बलौदाबाजार हिंसा, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।

महंत ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और आम जनता से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार विफल रही है।

विधानसभा इतिहास में अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है। साय सरकार के खिलाफ यह राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव है।

अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में चर्चा जारी है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने आरोप और जवाब रख रहे हैं।

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