Indore Tiranga Yatra: इंदौर में दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा… व्हीलचेयर पर दिखा देशभक्ति का जज्बा

Indore Tiranga Yatra: इंदौर में दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा… व्हीलचेयर पर दिखा देशभक्ति का जज्बा

इंदौर, 14 अगस्त। Indore Tiranga Yatra: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंदौर में दिव्यांगजनों की एक भावुक और प्रेरणादायी तिरंगा यात्रा निकाली गई। संस्था सार्थक की ओर से आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन व्हीलचेयर पर शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर जब वे शहर की सड़कों से गुजरे तो लोगों को एक मजबूत संदेश मिला कि शारीरिक सीमाएं हौसले और देशभक्ति को नहीं रोक सकतीं।

तिरंगा यात्रा कोठारी मार्केट पार्किंग से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी हॉल पहुंची, जहां राष्ट्रगान के साथ यात्रा का समापन हुआ। पूरे रास्ते प्रतिभागी तिरंगा लहराते हुए देश के प्रति अपना सम्मान और प्रेम जताते नजर आए।

व्हीलचेयर के पहियों पर दौड़ा देशभक्ति का जज्बा

यात्रा में सबसे खास दृश्य व्हीलचेयर पर बैठे दिव्यांगजनों के हाथों में लहराता तिरंगा रहा। चेहरे पर मुस्कान और दिल में देशभक्ति का जज्बा लिए सभी प्रतिभागी आगे बढ़ते रहे। उन्होंने संदेश दिया कि शरीर की सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन सपनों, आत्मविश्वास और देश के प्रति प्रेम की कोई सीमा नहीं होती।

पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया नेतृत्व

तिरंगा यात्रा का नेतृत्व पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया। उनके साथ पैरा खिलाड़ी, दिव्यांग उद्यमी और कला समेत विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बनाने वाले दिव्यांगजन भी शामिल हुए।

यात्रा में पैरा टेबल टेनिस की नेशनल खिलाड़ी हर्षिता शहरी और भविष्य जैन भी मौजूद रहे। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां इस बात की मिसाल हैं कि सही अवसर और मजबूत हौसले के साथ दिव्यांगजन हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।

सहानुभूति नहीं, सम्मान और बराबरी की जरूरत

संस्था सार्थक के अध्यक्ष दीपक जैन टीनू ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को खत्म नहीं करती। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी, उद्यमी और अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोग लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति केवल सहानुभूति जताना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, समान अवसर और समाज में बराबर की भागीदारी देने का संदेश देना है।

राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

गांधी हॉल में राष्ट्रगान के साथ तिरंगा यात्रा का समापन हुआ। हाथों में तिरंगा लिए दिव्यांगजनों के चेहरों पर देश के प्रति गर्व साफ नजर आया। यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के साथ-साथ समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दे गई।

यात्रा ने यह संदेश दिया कि देशभक्ति के जज्बे के लिए कदमों का साथ होना जरूरी नहीं, दिल में देश के लिए सम्मान और हौसला होना जरूरी है।

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