रायपुर, 06 नवम्बर। Patan Election Petition: पाटन विधानसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान दुर्ग सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने विजय बघेल का प्रतिपरीक्षण किया।
5 नवंबर को जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका से जुड़े विभिन्न तथ्यों पर सवाल-जवाब किए गए। प्रतिपरीक्षण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इसे अगली सुनवाई में भी जारी रखा जाएगा।
कोर्ट की अनुमति से सीलबंद मोबाइल किया गया चार्ज
सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका में साक्ष्य के रूप में जमा सीलबंद मोबाइल फोन को चार्ज करने की अनुमति भी दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मोबाइल 17 जनवरी 2024 से सीलबंद लिफाफे में जमा है। लंबे समय तक बंद रहने के कारण इसकी बैटरी डिस्चार्ज होने की आशंका है।
कोर्ट की अनुमति और सभी पक्षों की मौजूदगी में मोबाइल को दोपहर 3:15 बजे से शाम 4:30 बजे तक चार्ज किया गया। इस दौरान मोबाइल की बैटरी 13 प्रतिशत तक पहुंची। इसके बाद मोबाइल को बंद कर दोबारा सीलबंद कर दिया गया। सील पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं और विजय बघेल ने हस्ताक्षर किए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दुर्ग सांसद विजय बघेल ने वर्ष 2024 में पाटन विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रचार बंद होने की निर्धारित अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने रैली और रोड शो किया था। साथ ही मतदाताओं से वोट मांगे गए थे।
विजय बघेल ने इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन बताते हुए भूपेश बघेल का निर्वाचन रद्द करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख तय की है।


