नगरनार, 14 अक्टूबर। Plant Fire: NMDC स्टील प्लांट में रविवार सुबह ब्लास्ट फर्नेस के पास आग लगने की घटना के बाद आपातकालीन सूचना व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्लांट में आग लगने, धुआं उठने और दमकल वाहनों के सक्रिय होने के बावजूद स्थानीय पुलिस, एसडीएम और जिला शमन अधिकारी ने घटना की सूचना नहीं मिलने की बात कही है। वहीं, प्लांट प्रबंधन का दावा है कि संबंधित लोगों को जानकारी दे दी गई थी।
मीडिया के जरिए एसडीएम को मिली घटना की जानकारी
एसडीएम मनीष कुमार वर्मा के मुताबिक, प्लांट प्रबंधन की ओर से प्रशासन को आगजनी की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्हें घटना के बारे में मीडिया के जरिए पता चला। नगर सेनानी एवं जिला शमन अधिकारी संतोष मार्बल ने भी कहा कि उन्हें आग लगने की सूचना नहीं मिली थी।
उनके अनुसार, इस तरह की आपातकालीन घटनाओं में नियमानुसार संबंधित एजेंसियों को सूचना दी जानी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रबंधन का दावा, संबंधित लोगों को दी गई सूचना
प्लांट के प्रबंधक एवं संचार प्रमुख रफीक अहमद ने कहा कि जिन लोगों को सूचना देना जरूरी था, उन्हें जानकारी दे दी गई थी। हालांकि, उन्होंने किन अधिकारियों या एजेंसियों को और किस समय सूचना दी गई, इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में प्रबंधन के दावे और अधिकारियों के बयानों के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूचना देने से जुड़े रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय पुलिस तक भी नहीं पहुंचती प्लांट की जानकारी
नगरनार थाना प्रभारी विकेश कुमार तिवारी के अनुसार, प्लांट परिसर में सीआईएसएफ की तैनाती के बाद अंदर होने वाली घटनाओं की जानकारी स्थानीय पुलिस तक नहीं पहुंचती। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पुलिस को शिकायतें नहीं मिलतीं।
इस घटनाक्रम ने औद्योगिक परिसर में होने वाली आपातकालीन घटनाओं के दौरान प्लांट प्रबंधन, सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2024 में भी आग लगने से झुलसे थे छह लोग
NMDC स्टील प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2024 में प्लांट की स्टील मेल्टिंग शॉप में आग लगने की घटना में छह लोग झुलस गए थे। अब ब्लास्ट फर्नेस के पास आग लगने की ताजा घटना के बाद एक बार फिर सुरक्षा और आपातकालीन सूचना व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है।
जांच और सूचना रिकॉर्ड से साफ होगी स्थिति
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एसडीएम, जिला शमन अधिकारी और स्थानीय पुलिस सूचना नहीं मिलने की बात कह रहे हैं, तो प्रबंधन ने किन एजेंसियों को जानकारी देने का दावा किया है। आग लगने के बाद किस स्तर पर सूचना साझा की गई और आपातकालीन व्यवस्था के तहत तय प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है। संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


