रायपुर, 21 अगस्त। Raipur News: माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव के पास स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान का 36 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी पता नहीं चल सका है। हादसे के बाद से SDRF की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
आदिल बुधवार को अपने तीन दोस्तों के साथ खदान घूमने पहुंचा था। दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी थी। इसके बाद आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतर गए। दोस्त तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है।
अंधेरा होने से रात में नहीं हो सकी तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही माना पुलिस मौके पर पहुंची और SDRF को जानकारी दी। हालांकि, अंधेरा होने और खदान में पानी की अधिक गहराई के कारण रात में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका। गुरुवार सुबह SDRF की टीम ने तलाश शुरू की, लेकिन कई घंटे के प्रयास के बावजूद आदिल का पता नहीं चल पाया।
रेस्क्यू टीम को खदान की गहराई के कारण अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और SDRF की टीम लगातार युवक की तलाश में जुटी हुई है।
9 साल में 9 लोगों की डूबने से मौत
ब्लू वाटर खदान में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 2017 से अब तक यहां 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर यह संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।
31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 9 बच्चे स्कूल बंक कर यहां पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में बरामद हुए थे।
इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवकों और जून 2023 में नदीम, फैजल और शहबाज की डूबने से मौत हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
बारिश के बाद खदान में पानी भर जाता है और यह जगह तालाब जैसी नजर आती है। पानी का रंग नीला और साफ दिखाई देने के कारण इसे ब्लू वाटर खदान कहा जाता है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यहां सुरक्षा व्यवस्था और खतरनाक हिस्सों की घेराबंदी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
फिलहाल SDRF की टीम आदिल की तलाश में जुटी है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।


