मुंबई, 05 अगस्त। Siddhivinayak Temple: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दान राशि को लेकर विवाद गहरा गया है। दान पेटी से कथित चोरी के मामले में एक कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान प्रबंधन और वीआईपी दर्शन प्रणाली को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और CCTV फुटेज, दान रिकॉर्ड तथा अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, राज ठाकरे ने मंदिर की दान व्यवस्था को लेकर हर साल 18 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों ने भी इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।
वहीं, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने वित्तीय अनियमितता के आरोपों से इनकार किया है। ट्रस्ट का कहना है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहा है और सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विवाद के बीच मंदिर प्रशासन दान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसके तहत CCTV निगरानी को मजबूत करने, ऑडिट प्रणाली को और सुदृढ़ करने तथा डिजिटल डोनेशन सिस्टम के विस्तार की तैयारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


