सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट… एक साल के निचले स्तर पर पहुंचीं कीमतें

सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट… एक साल के निचले स्तर पर पहुंचीं कीमतें

रायपुर, 31 अक्टूबर। कमोडिटी बाजार में शुक्रवार रात सोने और चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। तेज बिकवाली और मुनाफावसूली के दबाव में दोनों कीमती धातुएं पिछले 12 महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में 10 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि सोना करीब 4200 रुपये तक सस्ता हो गया।

रात 8 बजे के बाद तेज हुई बिकवाली

एमसीएक्स पर शुक्रवार रात करीब 8 बजे बिकवाली तेज हो गई। दिसंबर फ्यूचर वाली चांदी करीब 5 फीसदी टूटकर लगभग 10 हजार रुपये नीचे आ गई। इसके बाद इसका भाव करीब 1.79 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया।

वहीं सोने की कीमत में भी करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर सोना लगभग 4200 रुपये टूटकर 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। दोनों धातुओं में यह गिरावट पिछले एक साल की बड़ी गिरावटों में शामिल बताई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी कमजोर

भारतीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3.3 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 3880 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह पिछले साल अक्टूबर के बाद इसका सबसे निचला स्तर बताया गया।

वहीं चांदी की कीमत भी 5 फीसदी से अधिक गिरकर करीब 49 से 49.70 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अहम सपोर्ट स्तर टूटने के बाद कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव

सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:

  • 24 कैरेट सोना: करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: करीब 1.28 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: करीब 1.05 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 999 शुद्धता वाली चांदी: करीब 1,81,344 रुपये प्रति किलो

क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट?

बाजार जानकारों के अनुसार, कीमतों में गिरावट की एक प्रमुख वजह बड़े पैमाने पर हुई मुनाफावसूली है। इसके अलावा अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

अमेरिकी जीडीपी के बेहतर आंकड़े, महंगाई का दबाव, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी से सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा। वहीं कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। इसके चलते निवेशकों ने सोने और चांदी से पैसा निकालकर दूसरे विकल्पों की ओर रुख किया।

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