बिलाईगढ़, 20 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने का मौका 21 अक्टूबर को बिलाईगढ़ में मिलेगा। यहां राजशाही दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह की अगुवाई में राजमहल परिवार की शाही सवारी निकलेगी। इसके साथ ही पारंपरिक तीरंदाजी और गढ़ तोड़ई प्रतियोगिताएं महोत्सव के मुख्य आकर्षण रहेंगी।
लाव-लश्कर के साथ निकलेगी शाही सवारी
आयोजन से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को शाम 3:30 बजे बिलाईगढ़-कटगी स्टेट के राजा और राजमहल परिवार की शाही सवारी लाव-लश्कर के साथ रानीभाठा के लिए रवाना होगी। इस दौरान राजपरिवार की पारंपरिक शान और पुराने रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिलेगी। शाही सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
तीरंदाजी और गढ़ तोड़ई प्रतियोगिता होगी खास
राजशाही दशहरा महोत्सव में पारंपरिक तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही गढ़ तोड़ई प्रतियोगिता भी होगी, जिसे लंबी कूद के रूप में जाना जाता है। इस प्रतियोगिता के विजेता को पुरस्कार स्वरूप एक बकरा दिया जाता है।
इन पारंपरिक प्रतियोगिताओं के जरिए स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। साथ ही क्षेत्र की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
ऐतिहासिक परंपराओं को देखने जुटते हैं लोग
बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा अपनी ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। हर साल आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग इस महोत्सव में शामिल होने पहुंचते हैं। शाही सवारी और पारंपरिक प्रतियोगिताएं इस आयोजन को खास बनाती हैं।
आयोजन से जुड़े लोगों ने नगरवासियों, व्यापारियों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, सर्व आदिवासी समाज और क्षेत्र के अन्य लोगों से महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। इस बार भी शाही सवारी और पारंपरिक प्रतियोगिताओं को लेकर लोगों में उत्साह रहने की उम्मीद है।


