आज से सावन का पावन महीना शुरू… शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

आज से सावन का पावन महीना शुरू… शिव मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़

रायपुर, 30 जुलाई। भगवान शिव को समर्पित पावन श्रावण मास (सावन) की शुरुआत आज से हो गई है। सावन माह शुरू होते ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। भक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना कर रहे हैं। इस बार सावन महीने में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिन्हें शिव पूजा और व्रत के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

सावन के चार सोमवार

  • पहला सोमवार – 3 अगस्त
  • दूसरा सोमवार – 10 अगस्त
  • तीसरा सोमवार – 17 अगस्त
  • चौथा सोमवार – 24 अगस्त

रायपुर के ज्योतिष एवं वास्तुविद पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ने बताया कि आज सुबह से ही सावन प्रतिपदा लग चुकी है। यह समय भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि सावन का महीना सभी प्रकार के पाप, ताप और कष्टों के निवारण का प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालुओं को व्रत और पूजा के नियमों का पालन करना चाहिए।

पंडित त्रिपाठी के अनुसार, सावन मास में ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना, झूठ और द्वेष से दूर रहना तथा भगवान शिव के समान सरल और शांत स्वभाव अपनाना विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं को यथासंभव सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए।

भगवान शिव को क्या अर्पित करें

भगवान शिव की पूजा में पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण) से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही तीन पत्तियों वाला बेलपत्र, धतूरा, मंदार के फूल, चंदन का तिलक और भस्म अर्पित की जाती है। पूजा में अक्षत, फल, मिष्ठान, पान और सुपारी भी भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित की जा सकती है।

सावन मास को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

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