रायपुर, 03 सितम्बर। AIIMS Raipur: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल हुए। समारोह में चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान के विभिन्न पाठ्यक्रमों को पूरा करने वाले 689 विद्यार्थियों को डिग्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 376 छात्राएं और 313 छात्र शामिल हैं। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को पुरस्कार और मेडल से सम्मानित किया गया।
डिग्री के साथ मिली बड़ी जिम्मेदारी
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह सिर्फ उपलब्धि का जश्न नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। चिकित्सा क्षेत्र में जाने वाले युवाओं के कंधों पर लोगों के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करने की अपील की।
एम्स रायपुर की उपलब्धियों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर की चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने संस्थान में किडनी और कॉर्नियल ट्रांसप्लांट जैसी चिकित्सा सुविधाओं का उल्लेख किया। साथ ही हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
छत्तीसगढ़ में बदलाव का किया जिक्र
सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव की तस्वीर दिखाता है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई दूरदराज और नक्सल प्रभावित इलाकों में अब सड़क, स्कूल, अस्पताल और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। सुरक्षा के साथ विकास पर जोर देने से इन क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
उच्च शिक्षा में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
उपराष्ट्रपति ने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2014-15 में उच्च शिक्षा में महिला नामांकन 1.57 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
उपराष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों से नशीली दवाओं से दूर रहने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का ज्ञान स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए, शोध से नए नवाचार सामने आएं और उनकी सेवा समाज के लिए प्रेरणा बने। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ भी दिलाई गई।
राज्यपाल ने कहा- चिकित्सा में करुणा और नैतिकता जरूरी
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि डॉक्टर के लिए सिर्फ ज्ञान और तकनीकी कौशल ही पर्याप्त नहीं है। मरीजों के प्रति करुणा, धैर्य, नैतिकता और जिम्मेदारी भी जरूरी है। उन्होंने नव-स्नातक चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और एम्स रायपुर के अधिकारी मौजूद रहे।


