रायपुर, 26 अक्टूबर। CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाने वाले मांझियों और चालकियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुरिया दरबार में लिए गए इस फैसले से लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे परंपरागत प्रतिनिधियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के फैसले के अनुसार, अब मांझियों को हर महीने 2,000 रुपये के बजाय 5,000 रुपये मानदेय मिलेगा। इस तरह उनके मासिक मानदेय में 3,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
वहीं, चालकियों का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यानी अब उन्हें हर महीने 2,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा सम्मान
राज्य सरकार के मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि मांझी और चालकी बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानदेय में बढ़ोतरी का उद्देश्य उनके योगदान को सम्मान देना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
लंबे समय से मांझियों और चालकियों की ओर से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में दिवाली से पहले की गई इस घोषणा को उनके लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
इस फैसले से मांझियों और चालकियों को हर महीने पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। हालांकि, बढ़ा हुआ मानदेय किस तारीख से लागू होगा, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।


