कांकेर, 21 अगस्त। CG News: नक्सल प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कांकेर जिले में एक नई पहल शुरू की गई है। भानुप्रतापपुर के चौगेल पुनर्वास केंद्र में बिहान योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और पुनर्वासित परिवारों को राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए केंद्र में राखी निर्माण का काम शुरू किया गया है। प्रशिक्षण के बाद अब तक 700 से अधिक राखियां तैयार की जा चुकी हैं। इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित परिवारों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशिक्षण के साथ बिक्री पर भी जोर
राखी बनाने का प्रशिक्षण संकुल संगठन केवटी के अंतर्गत कमला तारम और पार्वती आंचले ने दिया। प्रशिक्षण के जरिए परिवारों को राखी बनाने की अलग-अलग तकनीक सिखाई जा रही है। इसके साथ तैयार राखियों की बिक्री और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि इससे जुड़े परिवारों को अतिरिक्त आय मिल सके।
हुनर के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम
चौगेल का पुनर्वास केंद्र अब केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है। यहां पुनर्वासित परिवारों को अलग-अलग हुनर सिखाकर रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। राखी निर्माण की यह पहल भी इसी दिशा में एक कदम है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि आत्मसमर्पित नक्सली और पुनर्वासित परिवार अपने हुनर के जरिए सम्मानजनक तरीके से रोजगार हासिल कर सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में भी मदद मिलेगी।


