रायपुर, 28 अक्टूबर। Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। अब इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने और बाद में बिल पास कराने की लंबी प्रक्रिया से छुटकारा मिल सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
सूचीबद्ध अस्पतालों में होगा कैशलेस इलाज
नई व्यवस्था के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही इलाज के पूर्व अनुमोदन और चिकित्सा दावों की प्रक्रिया को ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाएगा।
इस फैसले से गंभीर बीमारी या अचानक अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में कई मामलों में कर्मचारियों को पहले इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता है, जिसके बाद बिलों की प्रतिपूर्ति के लिए दस्तावेज जमा करने और स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
दिल्ली में पदस्थ कर्मचारियों को भी मिल सकता है लाभ
छत्तीसगढ़ शासन के दिल्ली स्थित कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, राज्य के बाहर पदस्थ कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा या नहीं, यह लागू होने वाले नियमों और सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
फिलहाल कर्मचारियों को विस्तृत दिशा-निर्देशों, पात्रता की शर्तों और सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची जारी होने का इंतजार है। इन नियमों के स्पष्ट होने के बाद ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे और इसके क्रियान्वयन की पूरी जानकारी सामने आएगी।


