Chhattisgarh: बाल विवाह रोका… फिर भी 15 साल की किशोरी बनी मां

Chhattisgarh: बाल विवाह रोका… फिर भी 15 साल की किशोरी बनी मां

कोरबा, 26 अगस्त। Chhattisgarh: जिले में बाल विवाह रोकने की कार्रवाई के बावजूद एक गंभीर मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बारात आने से पहले हस्तक्षेप कर 15 वर्षीय किशोरी का विवाह रुकवा दिया था। इसके बावजूद कुछ समय बाद किशोरी के गर्भवती होने और प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचने की घटना सामने आई है।

प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंची किशोरी

रविवार को 15 वर्षीय किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा लाया गया। अस्पताल में उसने एक शिशु को जन्म दिया। घटना सामने आने के बाद बाल संरक्षण व्यवस्था और नाबालिग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शादी रोकने के बाद निगरानी पर सवाल

बताया जा रहा है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह रुकवा दिया था। हालांकि, इसके बाद किशोरी की सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थिति की निगरानी किस तरह की गई, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाल विवाह रोकना केवल विवाह की रस्म को रोकने तक सीमित नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों में नाबालिग की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी जरूरी होती है।

संरक्षण व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर चर्चा

इस घटना ने बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के साथ-साथ कार्रवाई के बाद नाबालिगों को दिए जाने वाले संरक्षण की व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू कर दी है। मामले में संबंधित विभागों की भूमिका और किशोरी को उपलब्ध कराए गए संरक्षण की स्थिति की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नाबालिग की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

राज्य खबर