रायपुर, 12 सितम्बर। Electricity Update: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अब बिजली बिल जमा करने में एक-दो दिन की देरी होने पर पूरे महीने का विलंब शुल्क नहीं देना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत बिल जितने दिनों तक लेट होगा, उतने ही दिनों के हिसाब से विलंब शुल्क लगाया जाएगा।
पहले बिल जमा करने में थोड़ी सी भी देरी होने पर पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत विलंब शुल्क वसूला जाता था। उदाहरण के तौर पर 4 हजार रुपये का बिजली बिल एक दिन देर से जमा करने पर भी करीब 60 रुपये तक का शुल्क देना पड़ता था।
अब नई व्यवस्था में 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क लगेगा। यानी 4 हजार रुपये के बिल पर एक दिन की देरी में करीब 1.60 रुपये और 30 दिन की देरी में करीब 48 रुपये शुल्क देना होगा। इससे खासतौर पर उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिनका भुगतान एक-दो दिन की देरी से होता था।
स्मार्ट मीटर में भी बदलाव
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए भी बिलिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब मैन्युअल रीडिंग के बजाय हर आधे घंटे का बिजली खपत डेटा सीधे सर्वर पर भेजा जाएगा। इसी डेटा के आधार पर बिजली बिल तैयार किया जाएगा। इससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और मानवीय गलतियों में कमी आने की उम्मीद है।
हालांकि, एडवांस में बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट कम कर दी गई है। पहले एडवांस भुगतान पर 1.25 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे अब घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दिया गया है।


