रायपुर, 21 अगस्त। Flood Mock Drill: छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को बेहतर बनाने के साथ प्रशासन की तैयारियों को परखना रहा।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के नेतृत्व में मॉक ड्रिल कराई गई। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों में चल रही गतिविधियों की निगरानी की गई।
कई विभागों और सुरक्षा बलों ने लिया हिस्सा
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की संभावित परिस्थितियां बनाकर राहत और बचाव व्यवस्था का परीक्षण किया गया। इसमें NDRF, SDRF, सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के साथ राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन और दूरसंचार विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास में अलग-अलग विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और आपसी समन्वय की गति को भी परखा गया।
चेतावनी से लेकर राहत शिविर तक का रिहर्सल
मॉक ड्रिल में बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर शुरू करने और बचाव नौकाओं की तैनाती की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। इसके अलावा मेडिकल टीमों की व्यवस्था और आपात स्थिति में जिला प्रशासन के त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी जांची गई।
कमियों की पहचान कर दूर करने पर जोर
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान सामने आने वाली संभावित कमियों की पहचान करना था। सूचना पहुंचने में देरी, संसाधनों की कमी और विभागों के बीच समन्वय जैसी चुनौतियों को भी जांचा गया, ताकि वास्तविक आपदा के समय राहत-बचाव कार्यों में किसी तरह की परेशानी न हो।
आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने रायपुर जिले में आयोजित मॉक ड्रिल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
राज्य स्तरीय टेबल-टॉप और व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।


