रायपुर, 10 अगस्त। Sawan Somwar: सावन के दूसरे सोमवार को देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस बीच 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार शिवरात्रि पर चार शुभ योग बनने का संयोग बताया जा रहा है। उनका कहना है कि इन योगों के कारण भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व रहेगा।
एक साथ बनेंगे चार शुभ योग
ज्योतिषाचार्य अनुसार, 11 अगस्त को चंद्रमा के कर्क राशि में प्रवेश के साथ चार राजयोग बनने की स्थिति बन रही है। इनमें गजकेसरी राजयोग, बुधादित्य राजयोग, शशि आदित्य राजयोग और हंस राजयोग शामिल हैं। ज्योतिष के अनुसार इन योगों को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
चारों पहर किया जा सकता है जलाभिषेक
सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन रात के चारों पहर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जा सकता है। कांवड़िए भी गंगाजल लाकर भगवान शिव को अर्पित करते हैं।
श्रद्धालु शिवरात्रि के दिन पूजा-अर्चना के साथ दान-पुण्य भी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की भक्ति करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।


