नई दिल्ली, 31 जुलाई। CG Mobile Network Expansion: छत्तीसगढ़ के दूरस्थ, जनजातीय और सीमावर्ती क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर प्रदेश में डिजिटल और दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के तहत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और जनकल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।
577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की मिली स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क व्यवस्था भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को जारी हुई एनओसी
मुख्यमंत्री ने बताया कि 577 स्वीकृत स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति और भूमि संबंधी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां मोबाइल टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य सरकार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रही है, ताकि कार्य में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।
शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा। मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, जबकि टेलीमेडिसिन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
इसके साथ ही बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और विभिन्न ऑनलाइन शासकीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच और आसान होगी। ग्रामीण नागरिकों को प्रमाण-पत्रों और अन्य शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा।
डिजिटल सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ अब डिजिटल कनेक्टिविटी को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। वर्षों तक संचार सुविधाओं से वंचित रहे गांवों को मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ना सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि डिजिटल भारत निधि के तहत प्रस्तावित 2,305 मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिलने से प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को नई गति मिलेगी और तकनीक का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।


