Chhattisgarh DMF Scam: ED के सामने छाबड़ा ने चबाए डायरी के पन्ने… सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

Chhattisgarh DMF Scam: ED के सामने छाबड़ा ने चबाए डायरी के पन्ने… सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

रायपुर, 04 सितम्बर । Chhattisgarh DMF Scam: DMF घोटाले की जांच में गिरफ्तार मुख्य लाइजनर सतपाल सिंह छाबड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। ED के मुताबिक, छाबड़ा के घर से बरामद लाल डायरी में कथित लेन-देन का हस्तलिखित हिसाब दर्ज था। पूछताछ के दौरान उस डायरी के कुछ पन्नों को नष्ट करने की कोशिश किए जाने का भी आरोप है।

ED के अनुसार, पूछताछ के दौरान छाबड़ा ने कथित तौर पर डायरी के 2-3 पन्ने चबा दिए, जबकि एक अन्य पन्ने को जेब में छिपा लिया। अधिकारियों ने वह पन्ना बरामद कर लिया। एजेंसी ने इस पूरे घटनाक्रम को सबूत नष्ट करने की कोशिश माना है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, छाबड़ा पर करीब 31 करोड़ रुपये के कथित अवैध कमीशन के लेन-देन का आरोप है। ED का दावा है कि कमीशन की रकम को परिवार, HUF और कारोबारी संस्थाओं के जरिए घुमाया गया और बाद में संपत्तियों में निवेश किया गया।

जांच में सामने आया कि सैंड एग्रीटेक के नाम 19 और सैंड स्टोन इंफ्रा के नाम 11 भूखंड खरीदे गए। ED के अनुसार, बीज निगम से जुड़े 13 विक्रेताओं से छाबड़ा को कुल 21.33 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है। इसमें करीब 11.19 करोड़ रुपये बैंकिंग माध्यम से और 10.13 करोड़ रुपये नकद बताए गए हैं।

ED के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2023 के बीच छाबड़ा ने बीज निगम के कामों से जुड़ी कंपनियों के सलाहकार के तौर पर काम किया। एजेंसी का आरोप है कि परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग और बिलिंग के बदले सामान के मूल मूल्य का 20 से 32 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया।

फिलहाल ED लाल डायरी के कथित नष्ट किए गए पन्नों, करीब 31 करोड़ रुपये की कथित अपराध आय के मनी ट्रेल और पूरे सिंडिकेट से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी के आरोप जांच का हिस्सा हैं और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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