रायपुर, 25 अगस्त। Education Update: छत्तीसगढ़ में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार कराया गया है। इस एप के जरिए शाला अप्रवेशी, शाला त्यागी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
घर-घर जाकर होगी बच्चों की पहचान
‘लइका चिन्हारी’ एप के माध्यम से मैदानी स्तर पर बच्चों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके जरिए ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो स्कूल से बाहर हैं या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। डिजिटल रिकॉर्ड बनने से बच्चों की स्थिति पर नजर रखना और उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना आसान होगा।
स्कूल लौटने पर 500 रुपये की सहायता
ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है। पात्र बच्चों को स्कूल में वापस लाने पर 500 रुपये की सहायता दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इसका उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों को दोबारा शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
शिक्षा की मुख्यधारा में लौटेंगे बच्चे
इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों तक पहुंचना है, जो स्कूल में दाखिला नहीं ले पाए या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। पहचान के बाद बच्चों की जरूरत के अनुसार उन्हें शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
‘लइका चिन्हारी’ एप के जरिए बच्चों की पहचान, उनकी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड और स्कूल में दोबारा प्रवेश की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करने की कोशिश की जा रही है। इससे स्कूल से बाहर बच्चों की संख्या कम करने और हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


