Junior Hockey Players: छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने बढ़ाया देश का मान… जूनियर एशिया कप चैंपियन बनीं गीता और मधु

Junior Hockey Players: छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने बढ़ाया देश का मान… जूनियर एशिया कप चैंपियन बनीं गीता और मधु

रायपुर, 14 सितम्बर। Junior Hockey Players: छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। गीता यादव और मधु सिदार भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं, जिसने चीन के मोकी में खेले गए फाइनल में मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार जूनियर एशिया कप का खिताब जीत लिया।

फाइनल मुकाबले में भारत के लिए निर्णायक गोल सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में किया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन रहा। टीम ने क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0, सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 और फाइनल में चीन को 1-0 से हराया। इससे पहले भारत ने जापान के खिलाफ 7-0 और मलेशिया के खिलाफ 11-1 से जीत दर्ज की थी।

बहतराई एक्सीलेंस सेंटर में सीखा हॉकी का हुनर

इस चैंपियन टीम में शामिल छत्तीसगढ़ की गीता यादव और मधु सिदार ने बिलासपुर के बहतराई स्थित एक्सीलेंस सेंटर में हॉकी का प्रशिक्षण लिया है। यहीं दोनों खिलाड़ियों ने अपने खेल को निखारा और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम तक का सफर तय किया।

किसान की बेटी गीता ने बनाई पहचान

कबीरधाम के बोड़ला क्षेत्र की रहने वाली गीता यादव किसान परिवार से आती हैं। स्कूल के दौरान उनके खेल को कोच शिव सिंह चौहान ने पहचाना। इसके बाद गीता का चयन बहतराई एक्सीलेंस सेंटर के लिए हुआ, जहां उन्होंने 2022 से 2024 तक प्रशिक्षण लिया।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के बाद गीता को भारतीय टीम के कैंप में जगह मिली। अब वह जूनियर एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य बनकर प्रदेश का गौरव बढ़ा रही हैं।

जशपुर के गांव से टीम इंडिया तक पहुंचीं मधु

जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र के चिरोरा गांव की मधु सिदार ने छठवीं कक्षा से हॉकी खेलना शुरू किया। रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में रहते हुए उन्होंने हॉकी का प्रशिक्षण लिया और लगातार मेहनत के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई।

मधु के पिता नमित साय सिदार किसान हैं। छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर की मधु ने अब भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

एक सप्ताह में बना पासपोर्ट

मधु करीब दो महीने पहले भारतीय टीम के कैंप में शामिल हुई थीं। अंतिम चयन तय नहीं होने के कारण उनका पासपोर्ट पहले नहीं बन पाया था। कम उम्र होने के चलते अभिभावकों से जुड़े दस्तावेज भी जरूरी थे। बाद में प्रशासनिक प्रयासों से करीब एक सप्ताह में उनका पासपोर्ट तैयार कराया गया और मधु भारतीय टीम के साथ चीन पहुंच सकीं।

हर खिलाड़ी को मिलेंगे 3 लाख रुपये

जूनियर एशिया कप जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। फाइनल में भारत के लिए विजयी गोल करने वाली सानिका चंद्रकांत माने को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया।

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