नई दिल्ली, 27 जुलाई। Parliament Monsoon Session: NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सोमवार को संसद में गरमा सकता है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल इस मामले को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में हैं। विपक्ष दोनों सदनों में छात्रों पर कथित बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग कर सकता है।
विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का प्रयोग किया। प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों से इनकार किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ घातक हथियारों और पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में कार्रवाई करने वाले लोग कौन थे और उन्हें किसके आदेश पर तैनात किया गया था।
इस बीच, केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। यह विधेयक वर्ष 2024 के कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। सरकार पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह यह विधेयक लोकसभा में पेश करेंगे।
विपक्ष जहां NEET विवाद और छात्रों पर कथित कार्रवाई को संसद में प्रमुख मुद्दा बनाए रखना चाहता है, वहीं सरकार नए कानून के जरिए परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ सख्ती को अपनी प्राथमिकता बता रही है। ऐसे में मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के साथ होने के आसार हैं।


