नई दिल्ली, 23 जुलाई। Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी पेपर लीक के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सरकार ने कहा कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष शर्तें रखकर बहस से बच रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से बिना किसी शर्त के सदन में चर्चा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के हित में कड़े कदम उठाने की बात पहले ही कह चुके हैं और सरकार ने इस विषय पर चर्चा के लिए अपना एजेंडा भी रोका था।
वहीं, भाजपा सांसद नितिन नबीन ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए।
दूसरी ओर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही विपक्ष चर्चा में शामिल होगा। उनका कहना है कि सरकार को पहले जवाबदेही तय करनी चाहिए।
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले मकर द्वार पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर नारेबाजी की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पेपर लीक के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का ऐलान किया है। इसके बावजूद इस मुद्दे को लेकर संसद में सियासी टकराव लगातार जारी है।


