कांकेर, 05 सितम्बर। Chhattisgarh: नक्सल प्रभाव कम होने के बाद पहली बार कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार और जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी देर रात करीब 10 बजे ग्रामीणों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और गांव के विकास को लेकर चर्चा की।
कलेक्टर ने ग्राम सोड़े स्थित ‘बिदिया केतुल’ पुस्तकालय का निरीक्षण किया। सुदूर वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखकर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी पिछड़ा और दुर्गम माना जाता था, वहां शिक्षा के प्रति जागरूकता पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है।
इस दौरान ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पुस्तकालय परिसर में आहाता निर्माण और सोलर लाइट की मांग रखी। कलेक्टर ने आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने ग्रामीणों से धान पंजीयन, एग्रीस्टैक और लैम्प्स के जरिए खाद-बीज वितरण की जानकारी भी ली।
देर रात ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं
कोयलीबेड़ा क्षेत्र के दौरे से लौटते समय कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ कोयामुरी स्थित सामाजिक स्कूल एवं बूम होर्रकुल बिदिया केतुल परिसर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, गायता, पटेल, मांझी और सामाजिक पदाधिकारियों के साथ बैठकर गांव की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की।
ग्रामीणों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार तेल-चावल से तिलक कर कलेक्टर का स्वागत किया। सामाजिक पदाधिकारियों ने बताया कि स्कूल का संचालन आपसी सहयोग से किया जा रहा है और शासन का सहयोग मिलने पर इसे और बेहतर बनाया जा सकता है।
बच्चों ने मांगी JEE-NEET की कोचिंग
इस दौरान स्कूली बच्चों ने कलेक्टर के सामने JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग शुरू कराने की मांग रखी। बच्चों की मांग पर जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने बताया कि अंतागढ़ के कढ़ाई-खोदरा क्षेत्र में जल्द ही निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था शुरू की जाएगी।


