रायपुर, 25 जुलाई। Chhattisgarh News: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत वर्ष 2005-06 और 2006-07 में लोक कला जत्था के माध्यम से संचालित स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को धमतरी, बिलासपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सात स्थानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख जब्त किए हैं।
ईओडब्ल्यू का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों से वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सकेगी। एजेंसी फिलहाल सभी दस्तावेजों का गहन परीक्षण कर रही है।
वर्ष 2005-06 और 2006-07 के मामलों की हो रही जांच
ईओडब्ल्यू के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के संचालन के लिए राशि प्राप्त हुई थी। इन कार्यक्रमों का संचालन राज्य के 16 जिलों में लोक कला जत्था के माध्यम से किया जाना था।
आरोप है कि कार्यक्रमों के नाम पर राशि का भुगतान अनाधिकृत एजेंसियों और बिचौलियों के माध्यम से दर्शाकर किया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2013 में धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितता से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
धमतरी की अनिल मेडिकल एजेंसी में कई घंटे चली जांच
धमतरी में ईओडब्ल्यू की सात सदस्यीय टीम ने रायपुर रोड स्थित बस स्टैंड के पास संचालित अनिल मेडिकल एजेंसी में कई घंटे तक दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच की। जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए, जिन्हें आगे की जांच के लिए अपने साथ ले जाया गया।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है तथा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थानों तक भी कार्रवाई पहुंच सकती है।
जब्त दस्तावेजों की होगी सूक्ष्म जांच
ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी मामले के सभी वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।


